Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!

जिस सड़क को सरकार ने 6 माह में नही बनाया,ग्रामीणों ने उसे महज 2 दिन में आवाजाही के लिए करा तैयार।

अगर सरकार जनता की आवाज न सुने तो जनता को अपने क्षेत्र के विकाश कार्यो को खुद अपने हाथों में लेना पड़ता है ेेऐसा ही एक मामला नैनीताल के हैड़ाखान में उस समय देखने को मिला जब टूटी सड़क को ग्रामीण खुद ही ठीक करने निकल पड़े क्यों कि काठगोदाम- हैड़ाखान सड़क मार्ग बीती फरवरी माह से पूरी तरह से टूट गई थी जिसे ठीक करने के लिए ग्रामीण लगातार सरकार से मांग कर रहे है मगर ग्रामीणों की आज तक किसी ने नही सुनी…आखिर में थक हार कर ग्रामीणों ने श्रमदान कर खुद ही सड़क बनाने का फैसला करा।

आपको बता दे कि नैनीताल जनपद के हैड़ाखान में बीते 24 फरवरी को हुई बारिश की वजह से सड़क मार्ग टूट गया था. इसकी शिकायत ग्रामीण लोक निर्माण विभाग, नैनीताल डीएम, कुमाऊं कमिश्नर और मुख्यमंत्री के सचिव तक कर चुके हैं. लेकिन कोई नतीजा अभी तक नहीं निकला. थक हारकर शियूडा, लूगड, पटरानी, हरीशताल, समेत करीब 70 गांवों के ग्रामीण, ग्राम प्रधान और पूर्व विधायक ने श्रमदान कर सड़क को ठीक करने का बीड़ा उठाया है. यह सड़क 70 गांव और 2 जिलों को जोड़ती है. सड़क टूट जाने से अब कई घरों, गौशालाओं पर भी खतरा मंडरा रहा है, जिससे ग्रामीणों को अपनी जान का खतरा सताने लगा है. वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि सड़क टूटने से उनकी करीब 10 नाली भूमि का कटान हो गया है. इसके बावजूद भी ग्रामीण अपनी भूमि सड़क निर्माण के लिए देने को तैयार हैं. लेकिन राज्य सरकार सड़क नहीं बना रही है. शिकायत के बावजूद सड़क निर्माण को लेकर लोक निर्माण विभाग और किसी भी अधिकारी द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया है. इसकी वजह से आसपास के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, अब ग्रामीणों ने खुद ही सड़क को ठीक करने का जिम्मा उठाया है.नैनीताल का ओखलकांडा क्षेत्र फल और फसल पट्टी क्षेत्र है. यहां विभिन्न प्रकार के फलों और फसलों की खेती होती है. सड़क मार्ग टूट जाने से इस बार फल और फसल गांव के खेतों में ही सड़ने की कगार पर हैं. वहीं, दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि गर्भवती महिला, वृद्ध, बीमार को गांव में सड़क न होने की वजह से अस्पताल पहुंचाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.फिलहाल, स्थानीय लोग इस टूटी सड़क के किनारे बची हुई पगडंडी के सहारे रास्ता पार कर रहे हैं. इससे ग्रामीणों की जान पर खतरा बना रहता है. इसी टूटी हुई पगडंडी के सहारे दूल्हा-दुल्हन समेत पूरी बारात अपनी जान हथेली पर रखकर अपने सफर के लिए रवाना हुई. वहीं ग्रामीण इस सड़क को जल्द से जल्द ठीक करवाने की मांग कर रहे हैं. ताकि फसल और फलों को मंडियों तक पहुंचा सकें और हो रही दिक्कतों से भी निजात मिल सके.

Share
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *